हम कौन हैं
यह नीति बताती है कि मनु कौन-सा व्यक्तिगत डेटा लेता है और उसका इस्तेमाल कैसे होता है — भारत के डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (DPDP अधिनियम) के तहत। डेटा फ़िड्यूशियरी मनु का संचालक है: [क़ानूनी नाम और संपर्क — बीटा से पहले भरा जाएगा]।
हम क्या इकट्ठा करते हैं
सिर्फ़ उतना, जितना सेवा को चाहिए:
- आपका फ़ोन नंबर या ईमेल, और Google से साइन इन करने पर आपका नाम।
- मनु से आपकी बातचीत — आपके भेजे संदेश और मिले जवाब।
- आपका प्लान और उपयोग की गिनती (कितने रोज़ाना और प्रो संदेश इस्तेमाल हुए)।
- भुगतान पर आपका दिया UPI लेन-देन रेफ़रेंस। आपके बैंक की जानकारी या UPI पिन हम कभी नहीं देखते।
- बुनियादी तकनीकी लॉग (डिवाइस का प्रकार, त्रुटियाँ), ताकि सेवा चलती रहे।
इस्तेमाल क्यों
यह डेटा हम सिर्फ़ इनके लिए प्रोसेस करते हैं:
- आपको साइन इन कराना और आपका खाता चलाना।
- आपके संदेशों पर मनु के जवाब बनाना।
- प्लान सँभालना, भुगतान की पुष्टि करना और उपयोग-सीमाएँ लागू करना।
- सेवा को सुरक्षित रखना और गड़बड़ियाँ ठीक करना।
आपकी सहमति
इस प्रोसेसिंग का क़ानूनी आधार वह सहमति है जो आप साइन अप करते समय देते हैं। खाता मिटाकर आप इसे कभी भी वापस ले सकते हैं — सेवा रुक जाएगी, पर चुनाव हमेशा आपका है।
AI प्रोसेसिंग और आपका डेटा कहाँ रहता है
जवाब बनाने के लिए आपकी बातचीत AI मॉडल प्रदाताओं को शून्य-डेटा-प्रतिधारण (zero data retention) शर्तों पर भेजी जाती है: वे आपकी बातचीत न सहेज सकते हैं, न अपने मॉडल सिखाने में इस्तेमाल कर सकते हैं। आपका डेटा केवल भारत, अमेरिका या यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र के सर्वरों पर प्रोसेस होता है — भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित किसी देश में कभी नहीं।
किसके साथ साझा होता है
सिर्फ़ मनु चलाने के लिए ज़रूरी प्रोसेसरों के साथ: होस्टिंग प्रदाता, AI मॉडल प्रदाता (ऊपर की शून्य-प्रतिधारण शर्तों पर) और OTP पहुँचाने वाले मैसेजिंग प्रदाता। हम आपका डेटा कभी नहीं बेचते और कोई बाहरी विज्ञापन नहीं दिखाते। सरकारी एजेंसियों को डेटा तभी देते हैं जब भारतीय क़ानून ऐसा कहे।
कब तक रखते हैं
खाता सक्रिय रहने तक खाते और बातचीत का डेटा रहता है। खाता मिटाते ही हम उसे मिटा देते हैं — सिवाय उन भुगतान अभिलेखों के जिन्हें भारतीय कर और लेखा क़ानून रखने को कहते हैं, और उन्हें भी सिर्फ़ उतने समय तक जितना क़ानून कहे।
DPDP अधिनियम में आपके अधिकार
आप कभी भी:
- हमारे पास मौजूद अपने व्यक्तिगत डेटा का सार माँग सकते हैं।
- उसे सुधारने या पूरा करने को कह सकते हैं।
- उसे मिटाने को कह सकते हैं — सिवाय उसके जो क़ानून रखने को कहे।
- अपनी सहमति वापस ले सकते हैं।
- किसी व्यक्ति को नामित कर सकते हैं, जो ज़रूरत पड़ने पर ये अधिकार आपकी ओर से इस्तेमाल करे।
शिकायतें
हमारे शिकायत अधिकारी को लिखिए: [नाम और ईमेल — बीटा से पहले भरा जाएगा]। हम DPDP अधिनियम और उसके नियमों में तय समय के भीतर जवाब देंगे। जवाब से संतुष्ट न हों, तो आप भारतीय डेटा संरक्षण बोर्ड में शिकायत कर सकते हैं।
उम्र
मनु का बीटा वयस्कों के लिए है — आपकी उम्र 18 या उससे अधिक होनी चाहिए। हम जान-बूझकर बच्चों का डेटा प्रोसेस नहीं करते; अगर यह कभी बदले, तो पहले DPDP अधिनियम के सत्यापन-योग्य अभिभावक-सहमति नियमों का पालन करेंगे।
सुरक्षा
आपका डेटा एन्क्रिप्ट होकर चलता है, टीम के भीतर पहुँच सिर्फ़ ज़रूरत भर की है, और हम कम से कम डेटा इकट्ठा करते हैं। कोई प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित नहीं होती — आपके डेटा को प्रभावित करने वाली कोई सेंध हुई, तो क़ानून के अनुसार आपको और डेटा संरक्षण बोर्ड को सूचित करेंगे।
कुकीज़ और डिवाइस स्टोरेज
मनु आपके डिवाइस पर सिर्फ़ वही रखता है जो साइन-इन और आपकी पसंद के लिए चाहिए: आपका सेशन, भाषा और थीम। कोई विज्ञापन ट्रैकर नहीं है।
इस नीति में बदलाव
नीति बदलने पर हम बदलाव लागू होने से पहले ऐप में बताएँगे, और इस पेज पर हमेशा मौजूदा शब्दावली ही दिखेगी।